Tuesday, May 22, 2007

मैं उर्दू पढ़ना चाहता हूँ 'Bhomiyo.Com' से अनुरोध

अब Bhomiyo.Com की सहायता से हिन्दी मे लिखे यूनिकोडित चिट्ठों को कई भारतीय भाषाओं मे पढा जा सकता है। ये बहुत ही सराहनीय योगदान है।

मुझे उर्दू पसन्द है क्योकि मै बचपन मे आकाशवाणी से प्रसारित उर्दू प्रोग्राम (रोज़ सुबह साढे आठ बजे, लखनऊ और अन्य रिले केन्द्रों से) और All India Radio  की उर्दू सेवा का नियमित श्रोता रहा हूँ।

'हिन्दी' और 'उर्दू'  के लिखने  और पढ़ने में जितना अन्तर है उतनी ही समानता बोलने और समझने मे है। मेरी समझ से अन्य किन्ही भारतीय भाषाओं के बीच ऐसा रिश्ता नही है।

यदि भोमियो के X-literatio tool  से ऐसा सम्भव हो सके तो हमारे लिये पढ़ने को एक पूरी नयी दुनिया जैसी खुल जायेगी साथ ही और भी, कि हम अपने पडोसियों से बेहतर संवाद कर सकेंगे, या इस तरह कहें कि अच्छी खबर रख सकेन्गे :)।

भोमियो के प्रयोग से मैने Roman  में उर्दू पढ़ने के लिये प्रयास किया (www.shuaib.in/blog) जिसका Screen Shot यहाँ पर दे रहा हूँ।

Screen Shot Transliterated using Bhomiyo.com's Tool

Screen Shot Original

मुझे तो रोमन मे पढ़्कर कुछ समझ नही आया, शायद इसलिये भी कि उर्दू दाहिने से बायें लिखते हैं।

यदि भोमियो की कुशल टीम इस दिशा मे प्रयत्न करे तो मै उनका बहुत आभारी रहूँगा।

13 comments:

Anonymous said...

जी हां, अभी उर्दु पे ही काम चल रहा है. कल ही 'हां जी' टेक्ष्ट को उर्दु से हिन्दी में रुपांतर किया. मै खुद उर्दु या अरेबीक लिपी जानता नही इस लीये तकलीफ होती है. और भारतीय लिपी जैसा सिस्टेमेटीक नहि है. फीर भी ये मेरी ख्वाहीश है की जल्दी से इस को भी ओनलाइन कर दु.

भोमियो उपयोग करने और सुझाव देने के लिये शुक्रिया.

वैसे आपने 'http://bhomiyo.com/en.xliterate/hindi.rcmishra.net' देखा हि होगा.

azdak said...

बड़ा अच्‍छा ख़्याल आया ये आपको.. भोमियो वाले कह भी रहे हैं काम चल रहा है.. मज़ेदार बात है.. सही कहा पूरी एक दुनिया खुल जाएगी.

परमजीत सिहँ बाली said...

यह बहुत अच्छी खबर है।

अभय तिवारी said...

मैं दोनों हाथ उठा के समर्थन करता हूँ..

Kaul said...

रामचन्द्र जी, यदि आप उर्दू पढ़ना चाहते हैं तो मैं यह सलाह दूँगा कि आप उर्दू लिपि सीख लीजिए। ज़्यादा मुश्किल नहीं है। पर उर्दू से रोमन या देवनागरी में स्वचालित परिवर्तन काफी कठिन है, बल्कि लगभग असंभव। इस का कारण है उर्दू की बिल्कुल भिन्न संरचना और नियम। इस के कई बिन्दु हैं, जिस के बारे में कभी विस्तार से लिखना चाहता हूँ। पर उदाहरण के लिए यह कि उर्दू में अधिकतर मात्राएँ लिखी ही नहीं जाती बल्कि अनुमानित की जाती हैं। इ और उ की मात्राएँ अक्सर लगाई ही नहीं जातीं। ऊ, व और ओ की ध्वनि के लिए एक ही अक्षर है; य, ए और ई की ध्वनि के लिए एक ही अक्षर है। ज़ की ध्वनि के लिए चार अक्षर हैं। त, अ, ह, और कई अन्य ध्वनियों के लिए एक से अधिक अक्षर हैं। मैं ने कोशिश भी की थी परिवर्तक बनाने की। फिर भी यदि किसी को सफलता मिलती है तो मेरी शुभकामनाएँ। मेरी कोई सहायता चाहिए हो तो बताएँ।

Unknown said...

"रामचन्द्र जी, यदि आप उर्दू पढ़ना चाहते हैं तो"
ईश्वर करे इससे किसी की किसी भावना को ठेस ना पहुंच रही हो।
प्रयास सार्थक हो हमारी शुभकामनाएं हैं।

Sanjeet Tripathi said...

कल मैंने हिंदी चिट्ठे को उर्दू में बदलने की कोशिश की और नाकाम रहा। शायद यह एक मुश्किल काम है भोमियो वालों के लिए भी।
दरअसल कुछ दोस्त हैं जो भारतीय नहीं है और हिंदी नहीं जानते पर मैं उन्हे हिंदी चिट्ठा जगत से परिचित कराना चाहता हूं।

रवि रतलामी said...

मैं रमण जी की बातों से सहमत हूँ. फिर भी, तकनालॉजी में मेरे विचार में असंभव कुछ भी नहीं. आर्टीफ़िशियल इंटेलिजेंस तथा मार्फ़ोलॉजिकल एनालिसिस के जरिए काम चलाने लायक औजार बनाता जा सकता है. मेरा रमण जी से अनुरोध है कि पीयूष से संपर्क बनाए रखें व उन्हें अपने भाषा ज्ञान से समृद्ध करें ताकि यह भाषाई दीवार भी ढह जाए.

मिश्र जी, आपकी कामना शीघ्र पूरी हो, इस हेतु शुभकामनाएं :)

RC Mishra said...

Bhomiyo.Com के पीयूष जी, आपका नाम रवि जी से पता चला, उम्मीद है जल्दी ही आपका ये औज़ार प्रयोग के लिये उपलब्ध होगा, हम सब की शुभकामनायें और आप यदि रमण कौल जी या शुयेब से सम्पर्क कर सकें तो आपको सहायता मिलने की पूरी उम्मीद है।

प्रमोद जी, परमजीत जी और तिवारी जी, आपका धन्यवाद।

रमण जी, आपने सही बात कही और उर्दू भाषा के बारे मे महत्त्वपूर्ण जानकारी दी उसके लिये शुक्रिया, आप और पीयूष के सहयोग से हम इस तरह के औजार के ज़ल्द विकास की अपेक्षा कर सकते हैं।

सन्तोष पाण्डेय जी, सन्जीत त्रिपाठी और रविरतलामी जी शुभकामनाओं और हौसला अफ़ज़ायी के लिये आपका धन्यवाद।

Anonymous said...

भाई! हमारा भी वोट गिना जाए पूर्ण समर्थन में ।

Anonymous said...

I have tried little bit to get Urdu to Hindi transliteration. Can you please check it out and let me know if you can help me fixing it to the perfection.

Go to: http://bhomiyo.com/XLiteratePage.aspx
Enter an Urdu site: http://www.voanews.com/urdu/
Select "Urdu to Hind" in the Language drop down. And click GO.

You will see that the transliteration makes little sense as the Urdu is not too phonetic language. But if you are familiar with both Urdu and Hindi then you can help me out transliterating this correctly.
--------

Thank you for all the people who have provided comments here. I could not find Raman Kaul's email address otherwise I would have contacted him directly too.

My address is info @ bhomiyo.com or piyushbhatt @ hotmail.com - just in case you need.

Anonymous said...

जनाब मुझे अन्ग्रेजी से हिन्दी लिख्नने के लिये कोइ उत्तम सोफ़्त्वएर बताइये.......
रन्जन

Anonymous said...

Rajan/Whelburg jee,

jara vistar se kahiye kya chahiye. English to Hindi translator to koi easy baat nahi - fir bhi "Mantra" hai jo Bharat sarkar ki or se mufta me milata hai.

Agar aapake paas Roman Hindi me likha kuch hai to use Unicode Hindi me parivartit kiya ja sakta hai.

-Piyush