Friday, May 30, 2008

There should be a Blogger Meet - ब्लॉगर मिलन होना चाहिये।

फ़ुरसतिया जी की पोस्ट पढ़ के लग रहा है कि एक ब्लॉगर मीट होनी चाहिये... और फ़िर उसकी ’जम के’ (ये हमारे बी एच यू वाले तिवारी जी का पेट वर्ड है) रिपोर्टिन्ग की जाये ताकि हर पोस्ट को शतकीय हिट मिलें..

लेकिन कहाँ? यहीं इलाहाबाद, बनारस या कानपुर में।

इलाहाबाद मे तो प्रमेन्द्र को बुला के कभी भी मिल लेते हैं, कई बार मिल भी चुके हैं पर महाशक्ति जी मिलना चाहते हैं, श्री ज्ञान दत्त पाण्डेय जी से। पिछली बार जब हम उनके घर गये थे तो उन्होने इस बात की बहुत शिकायत की थी।

बनारस मे हम मिलना चाहते हैं डॉ अरविन्द जी से। पिछले दिनों उनसे बात हुई थी। उनकी लिखी विज्ञान कथायें हमने विज्ञान प्रगति मे पढ़ी है। विज्ञान प्रगति का मै १९९२ से कई सालों तक नियमित पाठक रहा हूँ। तिवारी जी भी आजकल बनारस मे ही हैं।

कानपुर भी घूमना है वहाँ शुकुल जी से तो मिलना है ही, एक और शुकुल हैं विवेक कुमार, वो भी मेरी तरह वीज़ा का इन्तज़ार कर रहे हैं। इ दोनो शुकुल अगर रिश्तेदार निकल आये तो और मज़ा आयेगा :)

8 comments:

Sarvesh said...

टिप्पणी करने वालो से भी मिलने का कोशिश होनी चाहिये. जब भी आप लोग ब्लोगर्स मीट बुलाये उसमे टिप्पणी कर्ताओं को भी निमन्त्रित करें. हम जैसे बहुत लोग आप ब्लोगर्स के लेखॊ को पढ कर अपना माथा खराब करते हैं फिर ऊस पर टिप्पणी डालते हैं फिर दुबारा तेबारा रिफ़्रेश कर के देखते है कि टिप्पणी पर कोइ टिप्पणी आइ कि नहिं.
चलिये बढिया है, मेल जोल करते रहिये आप लोग और हम लोगो को बताते रहिये.

Gyandutt Pandey said...

इलाहाबाद में तो समय नहीं निकलता। कानपुर में मिला जाय। अगले सप्ताह शनिवार?

अनूप शुक्ल said...

आइये हम तो फ़ुरसतिये हैं।

अनूप शुक्ल said...

रामचन्द्र जब मिलेंगे तब सीताजी के किस्से सुनाने पड़ेंगे।

Udan Tashtari said...

जब भेंट लें तब फोटू/रपट वगैरह लगायें.

बाल किशन said...

हम भी समीर भाई का समर्थन करते हैं.

संजय बेंगाणी said...

मेल मुलाकात होती रहे..

rakhshanda said...

सही कहा..