Monday, May 26, 2008

Aggregator's Blogs- चिट्ठा संग्राहकों के चिट्ठे

हिन्दी चिट्ठों के संग्राहक नित नये प्रयोग करते हुए उसको बेहतर बनाने मे लगे रहते हैं। पिछले कुछ समय मे चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी ने इस दिशा मे बहुत प्रगति की है।

मेरा सुझाव है कि आने वाले फ़ीचर्स के बारे मे इन एग्रीगेटर्स को पूर्व सूचना भी उपलब्ध करानी चाहिये, और हो सके तो एक Poll भी रखना चाहिये जिससे पता चले कि जो आप करने जा रहे हैं वो फ़ीचर कितना सफ़ल होगा। साथ ही उन फ़ीचर्स को कैसे उपयोग (दुरुपयोग भी) मे लायें।

ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत दोनों का अपना ब्लॉग है, अच्छा ये होगा कि ये संग्राहक अपने उस ब्लॉग की नवीनतम प्रविष्टि को चिपकू पोस्ट (Sticky Post) बना के सबसे ऊपर रखें (या नीचे भी रख सकते हैं।)

हमने अपने गुगल टूल बार मे नारद, चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी के बटन लगा रखे हैं, जिससे केवल नारद का वेब पृष्ठ खोलना पड़ता है और बाकी दोनों मे नयी प्रविष्टियाँ चूंकि Dropdown Menu के रूप में उपलब्ध हैं इसलिये साइट पे जाना कम ही होता है। ऐसे मे अक्सर देर हो जाती है ये समझने मे कि कौन सा एग्रीगेटर अच्छा बनता जा रहा है और कौन रेस से बाहर हो रहा है :)

--अभी दोनों मे से किसी के चिट्ठे के लिन्क याद नही है, ढूंढ़ के लगाऊन्गा।

5 comments:

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

बहुत बढ़िया सुझाव है,, हम भी सहमत है

Dr.Parveen Chopra said...

सुझाव एक दम बढ़िया है....।
आप के पेज के नीचे ये जो पांच बढ़िया से फोटू हैं उन के बारे में कुछ बताना चाहेंगे।
छःमहीने पहले आप के यात्रा वृत्तांत पढ़े थे, उन में से तो नहीं हैं ?

Gyandutt Pandey said...

सही कह रहे हैं। एग्रेगेटर काम बढ़िया कर रहे हैं पर उनका विज्ञापन पक्ष कमजोर है!

Udan Tashtari said...

सहमत.

mahashakti said...

सुझाव तो सुन्‍दर है