Tuesday, August 14, 2007

गीता । Gita - भगवद्गीता । Bhagvadgita - अध्याय ३: श्लोक २२-२३

Chapter 3: Verse 22-23

न मे पार्थास्ति कर्तव्यं त्रिषु लोकेषु किंचन।
नानवाप्तमवाप्तव्यं वर्त एव च कर्मणि॥३-२२॥

In all the three worlds, there is no action (duty) ordained for me; nor there is any thing which remains unattained for Me (that I do not have).Still, O Partha, I am ever engaged in action.


Lesson: Even the best of the role models perform action.

हे अर्जुन! मुझे इन तीनों लोकों में न तो कुछ कर्तव्य है और न कोई भी प्राप्त करने योग्य वस्तु अप्राप्त है, तो भी मैं कर्म में ही बरतता हूं। ॥२२॥

यदि ह्यहं न वर्तेयं जातु कर्मण्यतन्द्रितः।
मम वर्त्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः॥३-२३॥

 
If I do not engage in action vigilantly, O Partha, in all probability, others would start following My path (follow My behaviour of not doing work).

 

क्योंकि हे पार्थ! यदि कदाचित् मैं सावधान होकर कर्मों में न बरतूं तो बडी हानि हो जाए क्योंकि मनुष्य सब प्रकार से मेरे ही मार्ग का अनुसरण करते हैं। ॥२३॥

गीता । Gita - भगवद्गीता । Bhagvadgita - श्रीमद्भगवद्गीता । Srimadbhagvadgita: अध्याय ३: श्लोक २२-२३

6 comments:

हरिराम said...

श्रीमद्भगवद्गीता का मूल पाठ का सस्वर गायन कहीं निःशुल्क MP3 डाउनलोड हेतु उपलब्ध हो तो बताएँ।

RC Mishra said...

हरिराम जी, मैने कोशिश की थी, कहीं पर भी निःशुल्क डाउनलोड मुझे न मिल सका, फ़िर प्रयास करूँगा, अगर मिला तो सूचित करूँगा।

धन्यवाद।

Prem said...

Hi,

Srimad Bhagwadgita ka download aap is link sey kar saktey hai.

http://www.archive.org/details/Bhagavad-gita-as-it-is

Shubhkamanaye,
Prem.

Prem said...

Hi,

Ek aur link hai jaha sey aap download kar saktey hai.

http://www.astrojyoti.com/bhagavadgeeta.htm

Subhkamanaye,
Prem.

RC Mishra said...

बहुत बहुत धन्यवाद प्रेम जी!

Prem said...

Hi,

Aap Anup Jalota dwara gaya hua Srimad Bhagwadgita is link download kar saktey hai. Lekin aap ko download karney key liye torrent install karna hoga.

http://www.bwtorrents.com/showthread.php?t=18874

Shubhkamanaye,
Prem.