Blogging straight from the heartland
रवि रतलामी वैसे तो बहुत बार छप चुके हैं पर इस बार जब हमने उनको Times of India मे देखा तो मन किया कि अपने चिट्ठे पर भी छाप दें, (Exclusive, High quality तस्वीर जो मिली है )
Tटाइम्स न्यूज़ नेटवर्क से पल्लवी श्रीवास्तव ने रवि शंकर श्रीवास्तव के अतिरिक्त अपने इस लेख मे श्रीश शर्मा का भी जिक्र किया है और साथ ही बाड़्मेर पुलिस के ब्लॉग का भी।
उन्होने शुरुवात की Blog के हिन्दी नाम याने चिट्ठा से और फ़िर Archive के लिये अभिलेखागार और 'Home' के लिये हिन्दी मे मुख पृष्ठ के साथ ही इण्टर नेट को विश्व-जाल (अन्तर्जाल क्यों नहीं ?) बताया।
बाड़मेर पुलिस चिट्ठे के संयोजक और जनपद के पुलिस अधीक्षक श्री एन डी ब्लग्गन (इनके नाम से ही कुछ आभास हो रहा है) का भी संक्षिप्त साक्षात्कार है। इसके अतिरिक्त भी कई और नाम हैं, जिनके बारे मे कभी सुना नही। पूरा समाचार, पहली तस्वीर को क्लिक करके या फ़िर, टाइम्स ऑफ इन्डिया (दिल्ली संस्करण) के रविवार के डीप फोकस पृष्ठ पर पढ़ा जा सकता है।




क्या बात है।
बहुत खूब ! अगर आप अखबार का उस संस्करण का लिंक भी दे देते तो बहुत ही अच्छा होता .
कल के टाइम्स आफ़ इंडिया में यह खबर छपी थी। इसमें रवि रतलामी की फोटो बढि़या आयी है।
कल के टाइम्स आफ़ इंडिया में यह खबर छपी थी। इसमें रवि रतलामी की फोटो बढि़या आयी है।
वाह भई, रतलामी जी को साधुवाद और बधाई.
रवि जी के तो हम पहले से ही शुक्रगुजार है भई...उन्होने जो पोस्ट दी थी उसी कि वजह से हमारा चिट्ठा बच गया वायरस से वरना हम आज कमैंट भी नही दे रहे होते शायद...फोटो भी बहुत अच्छा लगा है...:)
सुनीता(शानू)
वाह रविजी तो बहुत ही स्मार्ट दिख रहे हैं।
बधाई. क्या बात है! जानकर अच्छा लगा.
बधाई. क्या बात है! जानकर अच्छा लगा.
रवि जी के सौन्दर्य (?)की प्रशंसा के लिये आप सबका बहुत शुक्रिया|
आप सभी का धन्यवाद. :)
यह सुन्दर फ़ोटो रेखा (पत्नी) का कमाल है. वरना मेरे सिर के चमकते चांद के सिवा ज्यादा कुछ नजर नहीं आता :)
आप सभी का धन्यवाद. :)
यह सुन्दर फ़ोटो रेखा (पत्नी) का कमाल है. वरना मेरे सिर के चमकते चांद के सिवा ज्यादा कुछ नजर नहीं आता :)
बहुत बढ़िया !
इस मे तो रवि जी कुछ अलग से दिख रहे है।
aur ravi ji ki patni ko bhi bahut-bahut badhai.
ऊपर मेरी टिप्पणी थोड़ी द्विअर्थी किस्म की हो गई है. उसे स्पष्ट करना आवश्यक है.
दरअसल रेखा ने दस-बीस एंगल से कोई बीस पच्चीस फोटो निकाले थे और जो सबसे अच्छा बन पड़ा उसे भेजा.
अब हुआ न उनका हाथ!
ऊपर मेरी टिप्पणी थोड़ी द्विअर्थी किस्म की हो गई है. उसे स्पष्ट करना आवश्यक है.
दरअसल रेखा ने दस-बीस एंगल से कोई बीस पच्चीस फोटो निकाले थे और जो सबसे अच्छा बन पड़ा उसे भेजा.
अब हुआ न उनका हाथ!
आपका blog अच्छा है
मे भी ऐसा blog शुरू करना चाहता हू
आप कोंसी software उपयोग किया
मुजको www.quillpad.in/hindi अच्छा लगा
आप english मे type करेगा तो hindi मे लिपि आएगी
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