Saturday, June 02, 2007

Please Test Bhomiyo's Urdu to Hindi Transliterator

साथियों और दोस्तों, जैसा कि www.bhomiyo.com के पीयूष ने वादा किया था, वे अपना Urdu to Hindi Transliterator  लेकर हाज़िर हैं।

आप सभी से, खासकर उर्दू जानने वालों से विनम्र निवेदन है कि वे इस औज़ार का परीक्षण करें और फ़ीडबैक उनके ई मेल पते पर दें।

आवश्यक जानकारी युक्त, उक्त प्रविष्टि पर उनकी टिप्पणी, यहाँ चिपका रहा हूँ। 

From: bhomiyo [mailto:noreply-comment@blogger.com]
Sent: Friday, June 01, 2007 8:14 PM
To: rchotlineATnetscape.net
Subject: [hIndi Blog: ?????? ?????] New comment on ??? ????? ???? ????? ??? 'Bhomiyo.Com' ?? ??????.

bhomiyo has left a new comment on your post "मैं उर्दू पढ़ना चाहता हूँ 'Bhomiyo.Com' से अनुरोध":
I have tried little bit to get Urdu to Hindi transliteration. Can you please check it out and let me know if you can help me fixing it to the perfection.
Go to: http://bhomiyo.com/XLiteratePage.aspx
Enter an Urdu site: http://www.voanews.com/urdu/
Select "Urdu to Hind" in the Language drop down. And click GO.
You will see that the transliteration makes little sense as the Urdu is not too phonetic language. But if you are familiar with both Urdu and Hindi then you can help me out transliterating this correctly.
--------
Thank you for all the people who have provided comments here. I could not find Raman Kaul's email address otherwise I would have contacted him directly too.
My address is info AT bhomiyo.com or piyushbhatt AT hotmail.com - just in case you need.

 

मेरे परीक्षण:

Nabil'sUrdu Blog

१. नबील का उर्दू ब्लॉग

२.बयाज़(?) का उर्दू ब्लॉग

Shami Kabab

कृपया http://www.pakiez.com/ भी देखें।

धन्यवाद!

8 comments:

Raviratlami said...

कमाल है!

मुझे लगता है कि कुछ अतिरिक्त प्रयासों से पीयूष अवश्य ही ऊर्दू को हिन्दी में व हिन्दी को उर्दू में समझने लायक तो परिवर्तित कर ही लेंगे.

उन्हें एक बार फिर बधाई व शुभकामनाएँ.

Nasiruddin said...

रवि भाई,
मैंने जो देखा वह आपको ही भेज रहा हूँ। कृपया आप आगे प्रेषित कर देंगे।

उर्दू में है

لبنان میں فلسطینی مہاجر کیمپ میں خوں ریز لڑائی دوبارہ شروع

تریپولی کے قریب فلسطینی مہاجر کیمپ میں مسلم عسکریت پسندوں اور لبنانی فوجیوں کے درمیان شدید لڑائی دوبارہ شروع ہو گئی ہے۔
لبنانی توپ خانے اور ٹینکوں نےآج جمعہ کے روز نہر البرد کیمپ کے اندر فتح الاسلام عسکریت پسندوں کی پوزیشنوں پر گولہ باری کی، جس کے جواب میں اندر سے فائرنگ ہوتی رہی۔ علاقے سے دھویں کے بادل اٹھتے دکھائی دے رہے ہیں۔

http://www.voanews.com/urdu/2007-06-01-voa1.cfm
भोमियो ने किया

लबनान मिं फ़लसतिनि महाजर किमप मिं ख़ों रिझ़ लड़ाीि दोबारह शरोए
तरिपोलि के क़रिब फ़लसतिनि महाजर किमप मिं मसलम एसकरित पसनदों ाोर लबनानि फ़ोजिों के दरमिान शदिद लड़ाीि दोबारह शरोए हो गीि हे۔۔
लबनानि तोप ख़ाने ाोर टिनकों नेआज जमेह के रोझ़ नहर ालबरद किमप के ानदर फ़तह ालासलाम एसकरित पसनदों कि पोझ़िशनों पर गोलह बारि कि،، जस के जोाब मिं ानदर से फ़ाीरनग होति रहि۔۔ एलाक़े से धोिं के बादल ाट

जबकि शायद होना यह चाहिए था

लेबनान में फलस़्तीनी मुहाजिर कैम्प में खूँ रेज़ लड़ाई दोबारा शुरू

त्रिपोली के क़रीब फ़लस्तीनी मुहाजिर कैम्प में मुस्लिम असकरियत पसंदोa और लेबनानी फौजियों के दरम्यान शदीद लड़ाई दोबारा शुरू हो गयी है।
लेबनानी तोपखा़ने और टैंकों ने आज जुमा के रोज़ नहर अलबरद कैम्प के अंदर फतह अलइस्लाम अस्करियत पसंदों की पोजिशनों पर गोला बारी की जिसके जवाब में अंदर से फायरिंग होती रहीं। इलाके से धुएँ के बादल उठते दिखाई दे रहे हैं।

लेकिन बावजूद कमियों के यह काम काफी सराहनीय है। क्योंकि आमतौर पर जब भारतीय भाषाओं की बात की जाती है तो उर्दू उसमें शायद ही दिखती है। जबकि सच यह है कि उर्दू की पैदाइश की जमीन यही हिन्दुस्तान है। इसलिए अगर ऐसा कोई काम होता है तो बेशक बडा काम होगा। कम से कम अभी इसने एक जिज्ञासा और उत्सुकता तो पैदा कर ही दी है। उर्दू की जटिलता को देखते हुए यह अद्भुत काम होगा। मेरी बधाई पीयूष भाई तक पहुँचा दें।

Nasiruddin said...

आर.सी. भाई, एक बात और उर्दू में अब मात्राओं को नहीं लिखा जाता। लिखने और पढने वालों के बीच एक तरह की समझदारी विकसित हो जाती है कि किसे 'इस' पढे और किसे 'उस'। इस तरह के ढेर सारी चीजें हैं। शायद ट्रांसलिटरेशन में इसे पकड्ना मुश्किल हो। लेकिन इससे इसकी अहमियत कम नहीं हो जाती। उर्दू में क्‍या लिखा गया है या लिखा जा रहा है, इसका तो एक अच्छा आइडिया यह दे ही देगा।

अभय तिवारी said...

नासिर की बात सही है.. उर्दू में मात्राएं लिखने की परिपाटी नहीं है.. कौन सा शब्द कहाँ इस्तेमाल हुआ है इस आधार पर अन्दाज़न क्या शब्द होगा तय कर लिया जाता है.. तो ये मुश्किल तो उर्दू से हिन्दी में आयेगी ही आयेगी.. जिसे शयद कुछ गूगल के हिन्दी ट्रान्सलिटेरेशन टूल में जो तकनीक इस्तेमाल की गई है.. उसके सहारे हल किया जा सके..

दूसरी मुसीबत जो हिन्दी से उर्दू के तर्जुमे में होती है.. आर सी मिश्रा जी ने मेहरबानी करके जो हिन्दी उर्दू ट्रान्सलिटरेटर मुझे मेल में भेजा था.. उसके अन्दर भी यही दिक्कत थी.. जो है उर्दू के पाँच तरह के ज़ में भेद कर पाना.. दो तरह के अ.. अलिफ़ और ऎन.. तीन तरह के स.. इन में कैसे भेद हो.. अब आप लिखना चाहते हैं असीर.. कैसे राज़ खुले कि सुवाद से है.. से से है.. या सीन है..

ये उर्दू की अपनी मुसीबत है.. जिससे उसे छुट्कारा नहीं है.. अरबी में ये दिक्कत नहीं है.. वहाँ.. हर ज़ का उच्चारण अलग है.. तीनों स का अलग.. दोनों अ का अलग.. दोनों ह का अलग.. पर जब अरबी से यह लिपि फ़ारसी में गई तो फ़ारसी वालों ने अपनी सीमाएं मानते हुए.. पाँच अलग अलग ध्वनियों को ज़ बोलना शुरु कर दिया.. जो उर्दू में भी चला आया.. दो ह और दो अ तब भी कुछ लोग अलग बोल लेते हैं .. पर पाँचो तथाकथित ज़ लगभग सभी लोग एक सा ही ज़ बोलते हैं..

इस लिये अगर कोई भी अच्छा ट्रान्सलिटेरेशन टूल बनाना है तो जैसे दो अ के लिये एक ऎन वाले अ के नीचे बिंदी रख कर टाइप किया जाय.. इस तरह की परम्परा शुरु की जायें.. या खुद सॉफ़्टवेयर इतना स्मार्ट हो जाय कि उसे पता हो कि इश्क में ऎन लगेगा और बड़ी क़ाफ़..

मेरी शुभकामनायें..

Jitendra Chaudhary said...

कोशिश अच्छी है।
हिम्मते मर्दां मददे खुदा। पीयूष बहुत अच्छा काम कर रहे हो, ईश्वर तुम्हारी मदद करे।

Qadeer Ahmad said...

Unfortunately I don't know Hindi, that's why I couldn't written here. Yet it's a good thing. Is their any Hindi to Urdu translator? so that the people like me can read hindi scriptures?

RC Mishra said...

सभी बन्धुओं का टिप्पणी और औज़ार के परीक्षण का शुक्रिया। हमें पूरी उम्मीद है के ये औज़ार और सफ़ल होगा।
आप सब का धन्यवाद।

Dear Quadeer,
Thanks for visiting web log. In my cooment at your blog I already mentioned about the Hindi to Urdu Transliterator, here i'm again putting the link for you,http://www.crulp.org/Downloads/Hindi%20to%20Urdu%20Transliterator.zip

Mr PeeyooSh of www.Bhomiyo.com is putting many new things in his tool, so that you can read this blog directly in urdu by a single clik soon.

In the mean time, you can try to read this in roman english by following this link

http://bhomiyo.com/en.xliterate/hindi.rcmishra.net/index.html

Thanks n Regards

Mishra, RC

Shameel Qureshi said...

My Dear Friend....I am very impressed.


Keep it up yaar.


Regards.

your friend from Pakistan.