Wednesday, May 23, 2007

ہِندی اُردُو ٹرانسلِٹریٹر -Hindi-Urdu Transliterator

ہِندی اُردُو ٹرانسلِٹریٹر

 پِچھلی پوسٹ مے مینے اُردُو پڈھنے کی تمنّا جاہِر کی تھی، آج سُبہ یاد آیا کِ بہُت پہلے پرتیک پانڈیے کا ایک اُردُو بلاگ ہُآ کرتا تھا، جاںچ پڑتال سے مالُوم ہُآ کِ وو اِس اؤجار کا ّپریوگ کرتے ہیں۔ مُجھے یے تو نہی پتا کِ یے کِتنا کارگر ہے، جانکاروں سے (میری جانکارے مے، رمن کؤل جی اؤر شُایب سے) گُجارِش ہے کِ وے اِسے آجمایّں اؤر اَپنی راے جاہِر کریں ۔ رمن جی کے کمینٹ سے میں سہمت ہُوں ّکِ اُردُو سے ہِندی ٹرانسلِٹریٹر بنانا مُشکِل ہے جیسا کِ سنجیت اؤر پیُّوش نے بھی بتایا، ساتھ ہی روِ جی سے بھی کِ اَسمبھو کُچھ بھی نہی۔ اَبھی مُجھے یاد نہی کِ یے اؤزار مینے کہاں سے ڈاُّن لوڈ کِیا تھا، شاید پرتیک کو یاد ہو۔ یدِ آپ مے سے کوئی اِسکا پریوگ کرنا چاہتا ہو تو مُجھے لِکھے مے اُنکو یے بھیج دُوںگا۔ پِچھلی پوسٹ پر اَپنے وِچار رکھنے کے لِیے آپ سب کا شُکرِیا۔

 

Hindi-Urdu Transliteratar

हिन्दी उर्दू ट्रान्सलिटरेटर:

पिछली पोस्ट मे मैने उर्दू पढने की तमन्ना जाहिर की थी, आज सुबह याद आया कि बहुत पहले प्रतीक पाण्डेय का एक उर्दू ब्लॉग हुआ करता था| जाँच पड़ताल से मालूम हुआ कि वो इस औजार का प्रयोग करते हैं। मुझे ये तो नही पता कि ये कितना कारगर है, जानकारों से (मेरी जानकारे मे, रमन कौल जी और शुऐब से) गुजारिश है कि वे इसे आजमायें और अपनी राय जाहिर करें । रमण जी के कमेण्ट से मैं सहमत हूं कि उर्दू से हिन्दी ट्रान्सलिटरेटर बनाना मुश्किल है जैसा कि सन्जीत और पीयूष ने भी बताया, साथ ही रवि जी से भी कि असम्भव कुछ भी नही। अभी मुझे याद नही कि ये औज़ार मैने कहाँ से डाउन-लोड किया था, शायद प्रतीक को याद हो। यदि आप मे से कोई इसका प्रयोग करना चाहता हो तो मुझे लिखे मै उनको ये भेज दूँगा। पिछली पोस्ट पर अपने विचार रखने के लिये आप सब का शुक्रिया।

17 comments:

Pratik said...

मिश्र जी, इस औज़ार से लिखी गई उर्दू पढ़कर कोई भी जी भर कर हँस सकता है। :)

Rajesh Roshan said...

कला अक्षर भैंष बराबर । मैं तो बस अलिफ, बे तक जनता हु। वैसे जो चाहते हैं वो जरूर सम्पर्क करे।

अभय तिवारी said...

प्रतीक बबुआ की बात भगवान करे गलत हो.. मैं थोड़ा बहुत हिज्जे जोड़कर पढ़ लेता हूँ.. कृपया मुझे मेल कर दें.. मेरा ईमेल है.. abhaytiwari@mtnl.net.in
मेहरबानी

Sanjeet Tripathi said...

मिश्र जी कृपया मुझे ved.sanju@gmail.com पर मेल कर दें!
आभार!

Arvind said...

मैँ अवश्य हाथ आजमाना चाहूंगा. कृपया मुझे मेरे आई डी पर प्रषित karen.
chaturvediarvind@gmail.com

mahashakti said...

किसी के चेहरे पर मुस्‍कराहट आयेगी। :)

भइया मेरी भी एक प्रति सु‍रक्षित कर के भेज दीजिऐगा। धन्‍यवाद
pramendraps (at) gmail (.) com

RC Mishra said...

प्रतीक, आपके अनुसार तो व्यंग्य लिखना लोगों के लिये आसान हो गया, यही सही... कुछ तो सिला मिला :)।
राजेश रोशन, आपके ही लिये मैने रंग नीला रखा फ़िर भी आपको भैंस बराबर लगे तो..अब क्या कह सकते हैं।

अभय जी, सन्जीत, अरविन्द और प्रमेन्द्र, आप सब को अस्थायी डाउनलोड लिन्क भेज रहा हूँ।
धन्यवाद।

Neeraj Diwan said...

یے بلاگ نارد سے ہٹایا جایے ّمیں نارد سے گُزارِش کرتا ہُوں کِ آر سی مِشرا جی کی اِس پوسٹ پر دیوناگری نہیں ہے۔ لِہازا اِسے ہٹا دِیا جانا چاہِئے

hahaha aap likho aur khudaa baanche kahte hain isko. iske liye aisa kiya jaayega ki jald hee maulana sahab aayenge aur aap ko urdu sikha denge

नीरज दीवान said...

मेरा अनुरोध है कि इसे उर्दू ना जानने वाले इस्तेमाल न करें. क्योंकि उर्दू में कई अक्षर अलग अलग जगह प्रयुक्त होते हैं किंतु उच्चारण में लगभग समान होते हैं. जैसे अली लिखने के लिए आप यहां अलिफ़ और लाम का इस्तेमाल पाएँगे लेकिन यह सही नहीं होगा क्योंकि अली में ऍन और लाम का इस्तेमाल होता है.
टूल उनके लिए बनाया गया है जो सिद्धहस्त हैं बड़ा काम करते हुए उसे ट्रांसलिटरेट करते हैं तथा बाद में छोटी ग़लतियों को मैन्युअली ठीक कर लेते हैं
यदि किसी को उर्दू सीखनी है तो किसी मुस्लिम मोहल्ले में या मदरसे के पास की दुकानों पर छोटी सी किताब ख़रीद ले और अक्षर ज्ञान पर ध्यान दे. यह बेहद आसान और मुफ़ीद तरीक़ा है. और कुछ जानना हो तो मुझसे संपर्क करें.

Nasiruddin said...

मिश्रा जी, कृपया मुझे भी लिंक भेज दें। मेरा ईमेल आईडी है- nazirhk@rediffmail.com. शायद कुछ काम आ जाये।

अमित said...

मिश्रा जी, बड़ा मस्त आयटम लाये हो मार्केट में. हमको भी एक भेज दो. ई-मेल पता तो आ‍पके पास है ही. क्या यह औजार उर्दू को हिन्दी में भी परिवर्तित कर सकता है?

Raman Kaul said...

हिन्दी से उर्दू का लिप्यन्तरण काफी सरल है (उर्दू के हिज्जे सही तो नहीं बनेंगे पर पढ़ा सही जाएगा), जब कि उर्दू से हिन्दी के लिप्यन्तरण में आर्टिफिश्यल इंटेलीजेन्स जैसी किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ेगी। उदाहरण के लिए यूँ समझिए कि एक रंगीन चित्र को श्वेत-श्याम बनाना कंप्यूटर के लिए कितना आसान है, पर श्वेत-श्याम चित्र में फिर से मूल रंग भरने के लिए या तो मनुष्य की आवश्यकता पड़ेगी, या एक सुपर-कंप्यूटर की।

जिस औज़ार की आप बात कर रहे हैं वह उन के काम आएगा जिन को उर्दू आती है, पर हिन्दी नहीं। शुऐब ने बताया था कि इस (या ऐसे किसी टूल) का प्रयोग कुछ उर्दूदाँ पहले ही कर रहे हैं हिन्दी चिट्ठों को पढ़ने के लिए।

Raman Kaul said...

यदि आप उत्सुक हैं कि नीरज जी ने अपनी उर्दू टिप्पणी में क्या मज़ाक किया है तो पढ़िए -
यह ब्लॉग नारद से हटाया जाए। मैं नारद से गुज़ारिश करता हूँ कि आर सी मिश्रा जी की इस पोस्ट पर देवनागरी नहीं है, लिहाज़ा इसे हटा दिया जाना चाहिए।

RC Mishra said...

रमण जी टिप्पणियोँ के लिये बहुत शुक्रिया|
नीरज जी का मज़ाक आपने सरे आम कर दिया
:(|
यदि आपको किसी ऐसे औज़ार के बारे मे पता हो जिससे कि उर्दू को 'रोमन हिन्दी-अंग्रेजी' मे पढा जा सकता हो तो अवश्य अवगत करायेँ|

धन्यवाद|

डा. फीरोज़ अहमद said...

मिश्र जी, कृप्या मुझे भी भेज्ने की कृपा करें merajhindi@gmail.com

ata said...

कृप्या मुझे भी एक कापी भेज दें। धन्यवाद
अताउर्रहमान
atazia75@gmail.com

RC Mishra said...

डॉ फ़िरोज़ और अताउर्रहमान जी आप ये साफ़्ट्वेयर इसी ब्लॉग के साइड बार मे दिये गये लिन्क से डाउनलोड कर सकते हैं। Download Now पर क्लिक कर के।

धन्यवाद।