Monday, December 04, 2006

परदेश के देश मे दो और देश।

इस प्रविष्टि मे गुगल मानचित्रों को Embed (हिन्दी?) किया गया है, जिन्हे प्रदर्शित होने के लिये ActiveX controls को स्वीकृत होना होगा और मानचित्र प्रकट होने मे थोडा़ सा समय लग सकता है

मानचित्र का प्रकार परिवर्तित और Zoom घटाया-बढ़ाया जा सकता है।

"हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चाँद..." जगजीत सिंह द्वारा गायी गयी एक प्रसिद्ध गज़ल है। मुझे गजलों का शौक नही है फ़िर भी..'देश मे निकला होगा चाँद' वाक्य जैसे दिल मे घर कर गया है। कारण कि जब हम पीएच डी के लिये प्रतिदिन (सोमवार से रविवार) अपने संस्थान को प्रस्थान करते थे तो एक बडा़ सा बोर्ड रास्ते मे मिलता था जिसपे बडे़ बडे़ अक्षरों मे ये वाक्य लिखा होता था (एक धारावाहिक का विज्ञापन), जिसे देखकर कुछ अलग प्रकार की अनुभूति होती थी।

उसके कुछ सालों बाद पता चला कि ये देश किसी देश के अन्दर है, और वो भी उसकी राजधानी के। तो ये तो हुआ परदेश के देश में एक देश। मै रोम ३-४ बार गया हूँ और दो बार इस देश मे भी जाने का मौका मिला। वहाँ कुछ चीजें जरूर दिखीं जिससे आपको आभास हो कि वेटिकन का रोम मे एक अलग 'देश' रूपी स्थान है जिनमे से दो जो मुझे प्रमुख लगीं वो यहाँ चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत कर रहा हूँ।

ये वहाँ का डाक घर जो सॅन पियेत्रो परिसर मे ही था

और ये वेटिकन का स्विस गार्ड, इनके बारे मे अधिक जानकारी के लिये देश-दुनिया पर पढे़।

साथ ही संलग्न गुगल मानचित्र से आप वेटिकन के उस स्थान का आकाशीय दृश्य देख सकते हैं जहाँ पर पोप का भाषण सुनने के लिये लोग देश विदेश से एकत्र होते हैं।

इस स्थान को 'पियात्सा सॅन पियेत्रो' नाम से जाना जाता है।

पिछले वर्ष जब मै वियना से रोम आ रहा था तब जहाज की खिड़की से इस का बहुत खूबसूरत दृश्य दिखायी दिया था,लेकिन चूंकि विमान उतरने वाला था इसलिये मैं निर्देशानुसार कैमरा अन्दर रखा चुका था।

गुगल अर्थ से इस स्थान की भव्यता का अच्छा अनुभव किया जा सकता है। शुरू के embedded map में Zoom out करके आप रोम के अन्दर इस देश की सीमायें भी देख सकते हैं।

यदि आपके कम्प्यूटर पर गुगल अर्थ इन्स्टाल है तो आप इस Piazza San Pietro पियात्सा़ सॅन पियेत्रो Placemark पर क्लिक करके वहाँ पहुंच सकते हैं।

मुझे पिछले महीने तक नही मालूम था कि ऐसा ही एक और देश भी है, इटली मे। अक्सर जब मै गुगल अर्थ से इटली के पूर्व-उत्तर की ओर बढ़ता तो एक चिन्ह उभरता, सॅन मरीनो नाम से, चूंकि यहाँ सॅन से प्रारम्भ होने वाले स्थानो के नाम बहुतायत से पाये जाते हैं तो मैने कुछ विषेश ध्यान नही दिया।

एक दिन अपने इटालियन साथियों से चर्चा के दौरान सॅन मरीनो का जिक्र किया तो उन्होने मुझसे पहले यही पूछा कि मै वहाँ गया था क्या?, और तभी पता चला के ये है इतालिया की सीमाओं के अन्दर (२० क्षेत्रों मे विभाजित इटली के एमिलिया-रोमान्या' और 'मार्के' क्षेत्रों की सीमा पर) स्थित एक और देश 'रिपुब्लिका दि सॅन मरीनो'। यह 'वेटिकन-सिटी' और 'मोनॉको' के बाद यूरोप का तीसरा सबसे छोटा देश है, एवं पूरा देश ९ नगर पालिकाओं मे विभाजित है।

यहाँ दुनिया का सबसे पुरातन कार्यशील संवैधानिक प्रजातन्त्र स्थापित है।

इसके बारे मे अधिक और अन्य यूरोपीय सूक्ष्म राज्यों के बारे मे जानकारी यहाँ से भी प्राप्त कर सकते हैं। जो बात महत्त्व पूर्ण है यहाँ (इटली) के लोगों के लिये वो ये कि, अगर आपको सिक्के एकत्र करने, विभिन्न प्रकार की Wine Taste करने का और इलेक्ट्रानिक उत्पादों का शौक है तो आप को एक बार सॅन मरीनो अवश्य जाना चाहिये।

मैने तो योजना बना ली है!

नीचे 'सॅन मरीनो' की संसद (वृहत-लोक-परिषद) की कड़ी दी गयी है। http://www.consigliograndeegenerale.sm/

यहाँ की भाषा इटालियन ही है, मुद्रा यूरो (लेकिन संशोधित सिक्के) है, परन्तु ये यूरोपियन यूनियन का हिस्सा नही है।

2 comments:

संजय बेंगाणी said...

रोचक जानकारी.

ratna said...

जानकारी के लिए धन्यवाद।